Books of Payal Sonwani
पायल सोनवानी
जन्म : 2008
महामाया नगर, बिरकोना, छत्तीसगढ़
पायल सोनवानी एक नई सोच और गहरे एहसासों के साथ लिखने वाली युवा लेखिका हैं, जो अपने शब्दों में सादगी, संवेदनशीलता और सच्चाई को स्थान देती हैं।
उनकी लेखनी में प्रकृति और जीवन के अनुभवों का अनोखा संगम देखने को मिलता है—जहाँ चाँद अधूरा होकर भी रोशनी देता है और नदी बहते हुए भी अपने भीतर अनगिनत भावनाओं को समेटे रहती है। उनकी रचनाएँ पाठकों को प्रकृति, जीवन और आत्मचिंतन से जोड़ने का प्रयास करती हैं।
"चाँद, नदी और मैं" उनकी प्रथम पुस्तक है, जिसमें उन्होंने उन भावनाओं को शब्दों का रूप दिया है जिन्हें अक्सर हम महसूस तो करते हैं, लेकिन व्यक्त नहीं कर पाते।
“इनकी कविताएँ सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए हैं। पायल का मानना है कि हर इंसान के भीतर एक कहानी होती है—बस उसे समझने और स्वीकार करने की आवश्यकता होती है।”
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